अपने मन को काबू में कैसे करे | How to Control Mind in Hindi |

man ko control kaise kare . How to Control Mind in Hindi
अपने मन को काबू में कैसे करे | How to Control Mind in Hindi | 


नमस्कार मित्रो , आज हम आपके साथ शेयर कर रहे है। अपने मन को काबू में कैसे करे। How to Control Mind in Hindi . दोस्तों मन को काबू में कैसे करे. ये जानने से पहले आपको ये समझना बहुत जरुरी है. की आखिर मन क्या है ? ये कौन ऐसी वस्तु है या क्या है जिसे काबू में करने की जरुरत है ? हमारे दिमाग में कौन ऐसा है जो अपने मन का करता है जो किसी नहीं सुनता .जिसे हमें काबू में करने की जरुरत है.

मन क्या है। ( What is Mind )

मन को हिंदी में Mind कहा जाता है. मन को आप ना ही देख सकते है और ना ही छुआ जा सकता है. इसे सिर्फ महसूस किया जा सकता है. मन हमारे अंदर के भाव , स्वभाव , इमेजिनेशन , ऐटिटूड आदि को व्यक्त करता है. 

मेरा प्रश्न आपसे है .

आप वो करते है जो आप करना चाहते है या आप वो करते है जो आपका मन आपसे करवाना चाहता है। 



कुछ Example लेते है जिससे ये proof  हो जायेगा। आपका मन आपसे कैसे काम करवाता है। 

दोस्तों आप रास्ते से गुजर रहे है. आपको भूख बिलकुल नहीं लगी है. कुछ और आगे जाने पर रेस्तरां दिखाई पड़ गया। मन कहता है भूख लगी है. आप रेस्तरां की तरफ आगे बढ़ने लगते है। दोस्तों आपको तो भूख लगी भी नहीं थी। जब तक ये रेस्तरां दिखाई नहीं दिया . ये आप है या आपका मन जरा विचार कीजिए। थोड़ा रुकिए और सोचिए आपको भूख नहीं लगी है ये आपका मन है। 
हर छात्र को पता है उसे पढ़ना चाहिए। और वो पढ़ना भी चाहता है लेकिन फिर भी वो विडिओ गेम खेल रहे है. तो ये 2 कौन है. पहला जो पढ़ना चाहता है. और दूसरा जो वीडियो गेम खेलना चाहता है. दूसरा जो वीडियो गेम खेलना चाहता है वो है आपका मन। 

Q . अब आपका सवाल होगा की कैसे पता की जो वीडियो गेम खेलना चाहता है वो आपका मन ही है ? 

Ans .  मन हमेशा वही काम करता है जिसमे उसे ख़ुशी मिलती हो। अब यंहा पर बात ये नहीं है की वह काम अच्छा है या बुरा | बस उसे उस काम को करने मजा आना चाहिए। तो चलिए अब आते है मेन point पर। दोस्तों सीधी सी बात है ज्यादा मज़ा किसमें आएगा वीडियो गेम खेलने में ही। तो ये आपका मन है। 

अपने मन को काबू में कैसे करे | श्रीमद्भगवद्गीता के कुछ अंश। 

अर्जुन :- केसव तुम तुम कहते हो मन माया के भ्रम जाल में फसकर प्राणी को बहुत नाच नचाता है ?

कृष्णा :- हे पार्थ ! मनुष्य का शरीर एक रथ की भांति है. उस रथ के जो घोड़े है उन्हें मनुष्य की इन्द्रिया समझो। जैसे आँख , कान , नाक , मुख जिह्वा आदि। उन इन्द्रिओ को , घोड़ो को जो सारथि चलता है वो सारथि ही मन है और उस रथ में बैठा हुवा जो उस रथ का स्वामी है , वही आत्मा है। मनुष्य की इन्द्रिया अपने विषयों की ओर आकर्षित होती रहती है और उसका मन इन्द्रियों को उसके विषयों कीओर ही दौड़ाता रहता है। ये तभी तक हो सकता है. जब तक जीवात्मा अपने मन को काबू में न लाये। जब तक मन काबू में नहीं आयेगा वो इन्द्रियों को उसके विषयों की ओर ही दौड़ाता रहेगा। विषय उनको बुलाते है। इन्द्रियां उनकी तरफ भागती है और मन जीवात्मा की परवाह किये बिना रथ को उस ओर लिए जाता है। परन्तु जब तक तुम स्वयं मन के अधीन न रहकर , मन को अपने अधीन कर लोगे तो वही मन एक अच्छे सारथी की तरह तुम्हारे शरीर रूपी रथ को सीधे प्रभु के चरणों में ले जायेगा। 

अब हमें ये क्लियर हो गया। मन क्या है ? mind कैसे वर्क कर रहा है ? इसका मालिक कौन है ? कैसे हम अपने मन को अपने काबू में कर सकते है। 

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मन को काबू में करने के कुछ टिप्स। 

Love Your Self -- स्वयं से प्यार करे

दोस्तों खुद से प्यार करना सीखिए , क्योंकि दोस्त जब तक आप खुद को नहीं चाहोगे तब तक ना तो आपको दूसरे लोग अच्छे लगेंगे और ना ही दूसरे को आप। दोस्त दिल से बोल रहा हूँ। खुद से प्यार करो अपनी फैमिली से प्यार करो। क्योंकि फेसबुक पर 500 फ्रेंड होने के बावजूद और व्हाट्सप्प पर 20 Group होने के बावजूद भी दोस्त। बहुत लोग अकेले है। 

अपना पसंदीदा काम करे। 

 जो काम आपको अच्छा लगता है वे काम करे। कोई वैसा काम जिसको करते वक्त दिल को सुकून मिलता है। जिस काम को करते वक्त टाइम का अता पता ही ना चले .सुबह के 6 से शाम के कब 6 बज गए। वही काम आपको करना चाहिए। अगर मैं अपनी बात बोलू तो आपको शायद हसी भी लगे। दोस्तों मैं मोटिवेशनल आर्टिकल , वीडियो , बुक बहुत पढता था। आज इतना ज्यादा आर्टिकल और वीडियो देख चूका हूँ। आज इंटरनेट पर सबके साथ शेयर कर रहा हूँ। ऐसा नहीं है अब मैं नहीं पढता। मैं अब भी पढता हूँ ज्यादा से ज्यादा सिखने की कोशिश करता हूँ। 
मेरे लिए यह एक ऐसा काम है जो मैं रात को 2 बजे भी बहुत अच्छे से कर सकता हूँ। 
आप भी कुछ ऐसा काम ढूंढे जिस काम को करते वक्त आपको ख़ुशी मिलती हो। 

बुरी संगती से दूर रहे। 

बुरी संगती से दूर रहे। दोस्तों अपने बिल्कुल सही पढ़ा। कहा जाता है आप अगले पांच साल में क्या बनोगे। ये Depend करता है आप किन लोगो के साथ रहते है। आपके आजु-बाजु कौन है. मतलब आप किन लोगे साथ अपना ज्यादातर टाइम बिताते है। अगर आपके सर्किल में 4 लोग शराबी है तो मैं पुरे विश्वास के साथ कह सकता हूँ की पाँचवे आप बनोगे। इसलिए ध्यान रहे आप दिनभर कीन लोगो के साथ टाइम बिताते हो। अगर आपका फ्रेंड सर्किल ठीक नहीं है। तो आप उन बुरे लोगो के साथ रहने से अच्छा है आप अकेले है 
 औसत लोगो के साथ रहने से अच्छा है आप अकेले रहे। -- Dr. Ujjwal Patni 

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